यूपी प्रधानी चुनाव का बिगुल बजना प्रारम्भ हो गया जाने इस पोस्ट में

ग्राम पंचायत का चुनाव लड़ना है तो पूरी प्रक्रिया जरुर समझें– 

भारत के सबसें बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव की सरगर्मीया अब बढ़ती ही जा रही है . अब गाँव-गाँव में प्रधान ,बीडीसी ,जिला पंचायत सदस्य की चर्चा शुरु हो चुकी है . लोग काफी उत्सुकता से  इस पंचायत चुनाव का इंतजार कर रहे है . वही प्रत्याशी भी अपना दम खम दिखाने के लिए मैदान में उतर चुके है .  अभी चुनाव की तारिख तो निश्चित नही हुई है लेकिन जो प्रत्याशी है वो लोग अपने क्षेत्र में ग्राम सभा में  पोस्टर बैनर लगवाना प्रारम्भ  कर चुके है और प्रचार भी करना शुरु कर चुके है .

और सरकारी मशीनरी भी पंचायत चुनाव को लेकर सक्रिय हो गयी है वोटर लिस्ट में संसोधन  , परिसीमन और आरक्षण सूची बनाने का भी काम तेजी से चल रहा है ।

ग्राम पंचायत चुनाव लड़ने के लिए क्या- क्या जरुरी-

यूपी प्रधानी चुनाव जीतने का तरीका
यूपी ग्राम प्रधान चुनाव जीते


अगर आप भी ग्राम पंचायत का चुनाव लड़ना चाहते है तो आपको ये चीजे जरुर जाननी चाहिए-
गांवो में हर पांच साल के ग्राम प्रधान का चुनाव करवाया जाता है और जिस भी राज्य में ये चुनाव होता है उस प्रदेश के राज्य निर्वाचन  आयोग  के तरफ से चुनाव सम्बन्धी सारी तैयारिया करवायी जाती है  और ये चुनाव भी बिल्कुल उसी तरिकें से होता है जिस तरिके से देश में लोकसभा और विधानसभा का चुनाव होता है और इसमें  सबसे पहलें निर्वाचन आयोग की तरफ सें अधिसुचना जारी कर दी जाती है और अधिसुचना जारी होते ही सब जगहों पर आचार संहिता लागु हो जाता है  और उसके बाद जो भी पंचायतों के उम्मीदवार होते है  जो ग्राम प्रधान पद पर  या सदस्य पद पर चुनाव लड़ना चाहते है उनको एक निश्चित समय अवधि निर्धारित कर दी जाती है प्रशासन की ओर से और उन्हें उस निर्धारित समय के अन्दर पर्चा दाखिल या आवेदन पत्र को जिलें के निर्वाचन अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करना होता है. इसमें जिले के जिलाधिकारी ( डी.एम) की मुख्य भुमिका होती है

इसके बाद निर्वाचन कार्यालय के तरफ से प्रत्येक आवेदन कर्ता को एक चुनाव चिन्ह प्रदान किया जाता है. और उसके बाद सभी प्रत्याशी अपना चुनाव प्रचार- प्रसार जोर शोर से करना चालु कर देते है
और चुनाव प्रचार एक निश्चित दायरें में निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार किया जाता है
उसके बाद मतदान की एक तिथी निर्धारित की जाती है और उसके बाद मतदान कराया जाता है मतदान समाप्त होने के पश्चात् मतगणना की जाती है जिस प्रत्याशी को अधिक मत प्राप्त होते है उसे जीता हुआ प्रत्याशी घोषित कर दिया  जाता है और उसके बाद उसे ग्राम प्रधान पद निर्वाचित किया जाता है और उसके बाद जीते हुए प्रत्याशी को निर्वाचन अधिकारी के द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान किया जाता है।

2021 पंचायत चुनाव के लिए आयोग ने निम्न निर्देश दिए

– सभी जिलाधिकारी ग्राम पंचायत चुनाव 2021 के लिए प्रभारी अफसरों की तैनाती कर लें।
– और ये भी निर्देश दिये गये है कि  निर्वाचन सामग्री की व्यवस्था ,पोलिंग पार्टी के लिए किट की समुचित व्यवस्था आदि चीजे समय से करा लें।
– पोलिंग पार्टियो की रवानगी और अन्य सामग्री को भेजने आदि के लिए ट्रकों बसों व हल्के वाहन की आवश्यकता का आकलन अभी से कर लें
– चुनाव सम्बन्धित चीजो के स्रोत ज्ञात कर सग्रंहित कर लिए जाये।
– मतदान और मतगणना के लिए समुचित स्थान का चयन पहले से ही कर लिया जाय और चुनाव सम्बन्धी सामग्री के भण्डारण आदि का इंतजाम समय से करा लें।
– सवेंदनशील बूथो और अतिसंवेदनशील बूथों की सूची स्पष्ट रुप  से अभी से तैयार कर लें।
– मतदान स्थल तक पार्टियों और मतदाताओं के पहुचने के लिए रुट चार्ट का निर्धारण समय से पूर्व कर लें ।

मुख्यमंत्री ने भी की मत्रिंयो के साथ मीटिंग-

शासन की तरफ से यूपी पंचायत चुनाव मार्च-अप्रैल तक कराने के संकेत दिए गये है । मुख्यमंत्री जी नें सभी मत्रीं व कार्यकर्ताओ को इस चुनाव की तैयारी में जुटने के लिए कहा है और साथ में उन्होनें कहा की इस बार पंचायत चुनाव मजबूती से लड़ना है वोटर लिस्ट में  संसोधन करा के उसमें जो भी खामिंया है उसे दूर करने के भी निर्देश दिए है  और साथ में ये भी कहा है कि सरकार के पंचायत चुनाव सम्बन्धी सभी कामकाज को जनता के बीच तक ले जाया जाय। साथ में सभी अधिकारियों का डाटा भी जुटाने का काम शुरु कर दिया जाय।

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