PM Awas me logo ka chayan sarkar kaise karti hai (पी एम आवास योजना में लोगों का चयन सरकार कैसे करती है)

प्रधानमन्त्री आवास योजना ग्रामीण के लिये लाभार्थियों का चयन कैसे होता है

पी एम आवास के लिये सरकार लोगों का चयन कैसे करती है
पी एम आवास

क.  राज्यों पीएमएवाई-जी के क्रियान्वयन के लिए एक व्यापक वार्षिक कार्य योजना तैयार करनी चाहिए। इस योजना में अन्य बातों के साथ-साथ स्वीकृत मकानों को समय पर पूरा करने के लिए रोडमैप और अन्य योजनाओं के साथ तालमेल सुनिश्चित करना शामिल होगा।

 

3.8.2 राज्यों की वार्षिक कार्य योजना में जिले-वार योजना को शामिल किया जाना चाहिए जिसमें प्राथमिकता प्राप्त परिवारों को पूरी तरह लाभान्वित करने के लिए अपनाई गई कार्यनीति का उल्लेख किया गया हो। जिला-वार योजना में अन्य बातों के साथ-साथ राजमिस्त्रियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम निर्माण सामग्री के स्रोत, लाभार्थियों के लिए ऋण की सुविधा, आवास टाइपोलॉजी तैयार करना और इसके प्रचार-प्रसार की योजना, लाभार्थी को जानकारी दी

जाने वाली कार्यशालाओं तथा विभिन्न योजनाओं के तालमेल से लाभार्थियों को प्राप्त होने वाली सभी सुविधाओं का भी उल्लेख किया जाये। 

 

 लाभार्थियों का निर्धारण और चयन

लाभारिथियों का निर्धारण कैसे होता है
लाभार्थियों का निर्धारण कैसे होता है।

 

क. सभी के लिए आवास’ के लक्ष्य की पूर्ति के लिए । लाभार्थियों के निर्धारण और चयन में निष्पक्षता एवं पारदर्शिता होना नितांत आवश्यक है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि सहायता का लक्ष्य वास्तव में वंचित लोग ही हाँ और चयन वस्तुपरक एवं सत्यापन योग्य हो, परिवारों का निर्धारण एसईसीसी 2011 के आंकड़ों में आवास अभाव को दर्शाने वाले पैरामीटरों

के आधार पर किया जाएगा तत्पश्चात ग्राम सभा द्वारा सामान्यीकरण किया जयेगा।

 

पात्र लाभार्थियों का दायरा

 

 क. पीएमएवाई (जी) के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों के दायरे में बीपीएल सूची के स्थान पर एसईसीसी 2011 के आंकड़ों के अनुसार सभी बेघर परिवार और अनुबंध-1 में दर्शाई गई बहिर्वेशन प्रक्रिया के अधीन शून्य, एक या दो कमरों के कच्ची दीवार और/या कच्ची छत युक्त मकानों में रहने वाले परिवार शामिल होंगे।

 

4.2 लाभार्थियों के दायरे में प्राथमिकता का निर्धारण

 

क.  पीएमएवाई(जी) के पात्र लाभार्थियों के दायरे में विभिन्न स्तरों पर प्राथमिकता का निर्धारण

किया जाएगा। सबसे पहले अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक और अन्य

जैसी प्रत्येक श्रेणी में आवास अभाव दर्शाने वाले पैरामीटरों के आधार पर प्राथमिकता दी

जाएगी। आरंभ में बेघर परिवारों और उनके बाद कमरों की संख्या शून्य, एक और दो कमरों

के आधार पर परिवारों को प्राथमिकता दी जाएगी। अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति,

अल्पसंख्यक और अन्य जैसी विशिष्ट सामाजिक श्रेणी में बेघर परिवार या अपेक्षाकृत कम

कमरों वाले मकानों में रहने वाले परिवारों को उनसे अधिक कमरे वाले मकानों में रहने वाले

परिवारों से कम प्राथमिकता नहीं दी जा सकेगी।

 

ख.  उपर्युक्त प्राथमिकता प्राप्त समूहों में एसईसीसी 2011 में यथापरिभाषित (अनुबंध-1 में दर्शाए

गए मानदण्ड) अनिवार्य अंतर्वेशन’ के मानकों की पूर्ति करने वाले परिवारों को प्राथमिकता के क्रम में आगे बढ़ाया जाएगा। स्वतः अंतर्वेशित परिवारों को प्राथमिकता प्राप्त समूह में

शामिल अन्य परिवारों से कम प्राथमिकता नही दी जाएगी। स्वतः अंतर्वेशित या अन्य स्थिति में

दो उप-समूहाँ अर्थात परिवारों के बीच प्राथमिकता का निर्धारण उनके सकल अपवर्जन संबंधी

अंकों के आधार पर किया जाएगा। इन अंकों की गणना आगे दर्शाए गए सामाजिक-आर्थिक

पैरामीटरों के आधार पर की जाएगी और इनमें से प्रत्येक पैरामीटर को समान भार (वेटेज) दी

जाएगी

 

क. ऐसे परिवार, जिनमें 16 से 59 वर्ष की आयु का कोई वयस्क सदस्य न हो।

 

क. महिला मुखियाओं वाले ऐसे परिवारों, जिनमें 16 से 50 वर्ष की आयु का कोई वयस्क सदस्य न हो

 

ग. ऐसे परिवार जिनमें 25 वर्ष से अधिक आयु का कोई साक्षर वयस्क सदस्य न हो

 

घ. ऐसे परिवार जिनमें कोई सदस्य निशक्त जन हो या जिनका कोई भी वयस्क सदस्य

शारीरिक रूप से सक्षम न हो।

 

इ. अपनी अधिकांश आय का अर्जन दिहाड़ी मजदूरी से करने वाले भूमिहीन परिवार।

 

4.2.3 अधिकतम अपवर्तन अंक वाले परिवारों को उस उप समूह में उच्च वरीयता दी जयेगी।

 

 प्राथमिकता सूचियों की तैयारी

Pm awas k liye suchi kaise banti hai
pm awas ka liye list kaise banati ahi

पैरा सं. 4.2 में उल्लिखित प्राथमिकता के सिद्धांतों की पूर्ति करने के पश्चात प्रत्येक ग्राम

पंचायत/काउंसिल या संबंधित राज्य/सं.शा. क्षेत्र पंचायत अधिनियम द्वारा मान्यता प्राप्त

स्थानीय स्वशासन की सबसे निम्नतम इकाई के लिए अनुसूचित जातियाँ, अनुसूचित

जनजातियों, अन्य और अल्पसंख्यक वर्गों की अलग-अलग प्राथमिकता सूचियां पात्र

लाभार्थियों की उपलब्धता के आधार पर तैयार की जाएंगी। सिस्टम से तैयार होने वाली

श्रेणी-वार प्राथमिकता सूची कार्यक्रम एमआईएस – आवाससॉफ्ट से डाउनलोड की जा

सकती है। तत्पश्चात ये सूचना ग्राम सभा द्वारा सत्यापन के लिए संबंधित ग्राम पंचायतों को

उपलब्ध करायी जाएंगी।

 

 ग्राम सभा द्वारा प्राथमिकता सूचियों का सत्यापन

 

क.  आवास सौफ्ट द्वारा श्रेणी-वार तैयार की गई प्राथमिकता सूचियाँ उपलब्ध कराए जाने और

उपयुक्त रूप से प्रकाशित किए जाने के बाद ग्राम सभा/विलेज काउंसिल या संबंधित

राज्य/सं.रा.क्षेत्र पंचायत अधिनियम द्वारा मान्यता प्राप्त स्थानीय स्व-शासन की सबसे

निम्नतम इकाई की बैठक आयोजित की जाएगी इसे आगे ग्राम सभा से संदर्भित किया

जायेगा। ग्राम सभा उन तथ्यों का सत्यापन करेगी जिनके आधार पर परिवार का निर्धारण

पात्र परिवार के रूप में किया गया है। यदि अंतर्वेशन गलत तथ्यों के आधार पर किया गया हो

या यदि सर्वेक्षण के बाद परिवार ने पक्के आवास का निर्माण कर लिया हो या परिवार को

किसी सरकारी योजना के अधीन आवास मकान आवत कर दिया गया हो या परिवार किसी

अन्य स्थान पर जाकर स्थायी रूप से बस गया हो या बिना किसी उत्तराधिकारी की उसकी

मृत्यु हो गई हो तो ग्राम सभा ऐसे परिवारों के नाम सिस्टम द्वारा तैयार की गई प्राथमिकता

सूची से हटा देगी। सूची से हटाए गए परिवारों की सूची और उन परिवारों को हटाए जाने के

कारण ग्राम सभा के कार्यवृत्त में शामिल किए जाएंगे।

 

ख.  यदि किसी उप-समूह में एक से अधिक अपवर्जन संबंधी अंक बराबर हाँ तो ग्राम

सभा आगे दर्शाए गए पैरामीटर के आधार पर उनकी प्राथमिकता का क्रम निर्धारित करेगी :-

 

क. सशस्त्र कार्रवाई में मारे गए रक्षा/अर्धसैनिक/पुलिस बलों के कार्मिकों की

विधवाओं और निकट संबंधियों के परिवार।

 

ख. ऐसे परिवार जिनका कोई सदस्य कुष्ठ या कैंसर से पीड़ित हो या जिन्हें एचआईवी

(पीएलएचआईवी) संक्रमण हो गया हो।

 

ग. इकलौती बेटी वाले परिवार

 

घ. सामान्यतः वन अधिकार अधिनियम के नाम से ज्ञात अनुसूचित जनजाति और अन्य

पारंपरिक वनवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम, 2006 के लाभार्थी परिवार

 

ड़  यदि पैरा 4.4.2 में उल्लेखित उपयुक्त में से कोई भी पैरामीटर लागू न होता हो तो ग्राम सभा

प्राथमिकता का निर्धारण कर सकती है और उस निर्धारण का समुचित औचित्य भी दर्ज कर सकती है। यह प्राथमिकता पूर्ण रूप से निर्धारित की जानी चाहिए और इसमें प्रत्येक परिवार

को अलग वरीयता क्रम दिया जाना चाहिए।

 

प्रिय पाठकों आपको आगे की जानकारी अगले पोस्ट में मिलेगी

अपना कीमती समय देने के लिये धन्यवाद।

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