प्रधानमन्त्री आवास योजना ग्रामीण पर कितना कमीशन कटता है

प्रधानमन्त्री आवास योजना ग्रामीण पर कितने प्रतिशत कमीशन प्रशासनिक मद में खर्च होगा

pm awas yojan gramin commission
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राज्यों को रिलीज की गई निधियों में से 4% राशि का उपयोग योजना संचालन हेतु किया जाएगा। यह 4 प्रतिशत राशि कार्यक्रम निधि के अतिरिक्त है । 0.5% तक की राशि राज्य स्तर पर रखी जा सकती है और शेष 3.5% निधियों का वितरण जिलों को उनके लक्ष्यों के अनुपात में किया जाएगा। प्रशासनिक व्यय का वहन केंद्र और राज्यों के बीच उसी अनुपात में किया जाएगा जैसा कि मुख्य कार्यक्रम व्यय में लागू है। प्रशासनिक व्यय के अंतर्गत कार्य के जिन मदों को किए जाने की अनुमति दी गई है ये इस प्रकार है

 

क. लाभार्थियों को पर्यावास एवं मकानों के बारे में आवश्यक जानकारी देने तथा उन्हें जागरूक करने वाले कार्यालय। 

 

ख. प्रदर्शन हेतु मकान टाइपोलॉजी का प्रोटोटाइप तैयार करना।

 

ग. आवाजाही सूचना प्रौद्योगिकी (हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर) संचार प्रणाली, कार्यालय के

फुटकर खर्च इत्यादि सहित योजना के क्रियान्वयन की सर्वेक्षण एवं निगरानी लागत।

 

घ. संविदा कार्मिकों को रखने सहित पीएमयू की स्थापना तथा इसके संचालन की लागत।

 

ड़, राज मिस्त्रियों के प्रशिक्षण एवं उन्हें प्रमाण-पत्र दिए जाने संबंधी लागत।

 

च. सामुदायिक संसाधन व्यक्तियों (सीआरपी) अर्थात एनआरएलएम का अनुपालन करने वाले एसएचजी, आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और गैर-सरकारी संगठनों का प्रशिक्षण।

 

छ. सामाजिक लेखा परीक्षा और आईएएस कार्यकलाप।

 

ज. सीआरपी को मानदेय तथा एनजीओ के लिए सेवा प्रभारों का भुगतान।

 

झ. ज्ञान अर्जन हेतु प्रदर्शन दौरों सहित पंचायतों के निर्वाचित प्रतिनिधियाँ तथा अधिकारियों

का प्रशिक्षण।

 

ण. वस्तु स्थिति झात करने तथा मूल्यांकन अध्ययन सहित अन्य अध्ययन कराना।

 

ट. आवास से संबंधित अभिनय प्रौद्योगिकियों और कार्यों को दर्शाने की लागत।

 

ठ. राज्य तकनीकी सहायता एजेंसी के रूप में आईआईटी/एनआईटी या अन्य प्रतिष्ठित

संस्थानों की सेवाएं लेने की लागत।

 

ड. पीएमएवाई-जी आवास के निर्माण की गुणवत्ता की निगरानी से संबंधित लागत।

 

लक्ष्यों का निर्धारण

pm awas yojana
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 राष्ट्रीय स्तर पर अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के लिए 60% लक्ष्य को बनाए रखने के लिए प्रत्येक राज्य/सं.शा. क्षेत्र को आवंटित लक्ष्यों का 60% एसईसीसी 2011 के अंतर्गत पात्र पीएमएवाई-जी लाभार्थियों, जिन्हें ग्राम सभा द्वारा जाँच किया गया हो, की उपलकाता के अनुसार अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजातियों के लिए निर्धारित किया जाना चाहिए। निर्धारित लक्ष्यों में से अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के अनुपात का निर्णय संबंधित राज्यों द्वारा समय-समय पर किया जाता है अपने-अपने राज्य में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के अनुपात पर निर्णय लेने के पश्चात राज्य इसकी सूचना ग्रामीण विकास मंत्रालय को देंगे। इसके अलावा. यदि किसी भी श्रेणी में कोई पात्र लाभार्थी नहीं है व इस आशय का प्रमाण-पत्र राज्य/सं.शा. क्षेत्र द्वारा दे दिया जाता है तो राज्यों/सं. शा. क्षेत्रों को अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति के लक्ष्यों को आपस में बदलने की अनुमति दे दी जाएगी। यदि सभी पात्र अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति परिवारों को लाभान्वित कर दिया जाता है तो स्थायी प्रतीक्षा सूची में से अन्य श्रेणी के परिवारों के लाभार्थियों को शामिल किया जा सकता है।

 

उपरोक्त निर्धारण केवल उस न्यूनतम सीमा को दर्शाएगा जिसे हासिल किया जाना है और यदि राज्य/संघ राज्य क्षेत्र चाहे तो वे सेचुरेशन सुनिश्चित करने के लिए इन श्रेणियों के अंतर्गत लक्ष्यों को बढ़ा सकते हैं। ऐसा श्रेणीवार सेचुरेशन कमजोर तथा लाभ से वंचित समूहों को प्राथमिकता के आधार पर कवर किए जाने के दृष्टिकोण से ही किया जाएगा।

 

 इसके अलावा, जहां तक संभव हो. कुल निधियों की 15% राशि राष्ट्रीय स्तर पर एसईसीसी 2011 के अनुसार कवर किए जाने वाले परिवारों, जिन्हें ग्राम सभा द्वारा मानित किया गया हो. के अल्पसंख्यकों के लिए निर्धारित की जाएगी संबंधित राज्य/सं.शा. क्षेत्र में 2011 की जनगणना के अनुसार अल्पसंख्यकों की समानुपातिक आबादी के आधार पर राज्यों/सं.रा. क्षेत्रों में अल्पसंख्यकों के लिए लक्ष्यों का आवंटन किया जाएगा तथापि, ग्राम सभा द्वारा. एसईसीसी आंकड़ों के सत्यापन के आधार पर स्थायी प्रतीक्षा सूची तैयार किए जाने के बाद प्रत्येक राज्य/सं.रा.क्षेत्र में अल्पसंख्यकों के लक्ष्य की फिर से गणना की जाएगी। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग अधिनियम, 1992 की धारा 2(ग) के तहत अधिसूचित अल्पसंख्यक  लाभ को पाने के लिए पात्र माने जाएंगे।

 

राज्य विशेष में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति तथा अल्पसंख्यक समुदाय के सभी लाभार्थियों को पूरी तरह लाभान्वित कर दिए जाने के पश्चात मंत्रालय को इसकी सूचना दे दी जानी चाहिए ताकि अगले वित्त वर्ष के दौरान उस राज्य में उस विशेषः श्रेणी के लिए और लक्ष्य आवंटित नहीं किया जाये।

 

 राज्य ग्राम पंचायत, ब्लॉक या जिला को एक इकाई के रूप में इस्तेमाल करते हुए सेचुरेशन दृष्टिकोण अपना सकते हैं। एसएजीवाई ग्राम पंचायतों, वन क्लस्टरों, खुले में शौच की प्रथा से मुक्त ग्राम पंचायतों और उन ग्राम पंचायतों को प्राथमिकता दी जाएगी. जहां डीएवाई-एनआरएलएम के अंतर्गत महिला स्- सहायता समूहों के माध्यम से सशक्त सामाजिक पूंजी तैयार कर ली गई हो। सेचुरेशन दृष्टिकोण में सर्वेक्षण, राजमिस्त्रयों एवं सामग्री की उपलब्धता तथा व्यापक बसावट योजना की स्थिति बेहतर बनती है।

 

  निःशक्त व्यक्ति (समान अवसर, अधिकारों की सुरक्षा और पूर्ण सहभागिता) अधिनियम, 1995

में निःशक्त व्यक्तियों के लिए सामाजिक सुरक्षा का प्रावधान किया गया है तदनुसार, पीएमएवाई-जी योजना में सहायता पाने वाले लाभार्थियों के बीच पारस्परिक प्राथमिकता पर निर्णय लेते समय ऐसे परिवारों, जिनमें विकलांग सदस्य है और कोई भी सक्षम वयस्क सदस्य नहीं है, को अतिरिक्त अपवर्जन स्कोर दिए गए हैं ताकि मकानों की सूची बनते समय ऐसे परिवारों को प्राथमिकता दी जा सके। निःशक्त व्यक्ति अधिनियम, 1995 के उपयंधों को ध्यान में रखते हुए राज्य यथासंभव यह सुनिश्चित करें कि राज्य स्तर उपलब्धता की स्थिति में 3% लाभार्थी निःशक्त व्यक्तियों में से हाँ।

 

अधिकार प्राप्त समिति

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क.  राज्यो वार्षिक कार्य योजना को अनुमोदित करने के लिए सचिव, ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार की अध्यक्षता में अधिकार प्राप्त समिति गठित की जाएगी। इस समिति में निम्नलिखित सदस्य हॉगे –

 

क. अपर सचिव, ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार

 

ख. संयुक्त सचिव (ग्रामीण आवास), ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार

 

ग. सलाहकार, नीति आयोग

 

घ. हुडको के प्रतिनिधि

 

 ड . संबंधित राज्य में ग्रामीण आवास के प्रभारी सचिव

 

च, आंतरिक वित्त प्रभाग के प्रतिनिधि।

 

समिति अपनी बैठकों में सहायता के लिए जरूरत पड़ने पर किसी अन्य व्यक्ति का मनोनयन भी कर

सकती है।

 

 अधिकार-प्राप्त समिति के अन्य कार्य इस प्रकार हैं

क. विशेष परियोजनाएं स्वीकृत करना

 

ख. दुर्गम क्षेत्रों के निर्धारण के लिए राज्य के मानदंडों को अनुमोदित करना

 

ग. कार्यक्रम की समीक्षा करना और अध्ययनों के सुझाव देना इत्यादि।

 

घ. लक्ष्यों का पुनः निर्धारण

 

ङ, वित्तीय सहायता के बदले निर्माण सामग्री की आपूर्ति और कार्यविधि की मंजूरी देना

 

प्रिय पाठक इस लेख को मैने प्रधानमन्त्री आवास योजना का आफिशियल वेबसाइट से लिया है इसमें किसी प्रकार का संशोधन मेरे द्वारा नही किया गया है।

हमारे पोस्ट को समय देने के लिये आपका बहुत बहुत धन्यवाद।

 

 

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