प्रधानमन्त्री आवास योजना क्या है जाने पूरी डिटेल आप इसे कैसे प्राप्त करेंगे?

प्रधानमन्त्री आवास योजना – ग्रामीण

ग्रामीण विकास पंचायती राज और पेयजल मंत्रालय (मोदी सरकार) का संदेश

प्रिय पाठकों इस ब्लाग में प्रधानमन्त्री आवास योजना से सम्बन्धित समस्त जानकारी मिलेगी जैसे- इसे पाने के लिये कौन कौन लोग पात्र होते हैं, सरकार कैसे तय करती है कि किस व्यक्ति को आवास देना है, कैसे आप इसे प्राप्त कर सकते हैं।

वर्ष 2022 में भारत अपनी स्वतन्त्रता के 75 वर्ष पूरा करेगा। भारत के यशस्वी प्रधानमन्त्री माननीय नरेन्द्र मोदी के स्वप्न वर्ष 2022 तक सबके लिये आवास के दृष्टि से ग्रामीण विकास मंत्रालय ने प्रधानमन्त्री आवास योजना- ग्रामीण के अन्तर्गत तीन वर्षों (2016 से 2017, 2017 से 2018 और 2018 से 2019) एक करोड़ ग्रामीण आवास निर्माण हेतु सहायता देने का एक ऐतिहासिक फैसला किया है। यह सहायता उन परिवारों को दी जायेगी जो बेघर हैं या कच्चे,टूटे- फूटे मकानों में गुजारा कर रहें है।

 

मै आपको बताना चाहूँगा कि प्रधानमन्त्री आवास योजना ग्रामीण में एक उत्तरदायी क्रियान्यवन प्रणाली, मजबूत मानीटरिंग व्यवस्था एवं फालोअप पर जो दिया गया है। सूचना प्रौद्योगिकी एवं अन्तरिक्ष प्रौद्योगिकी का उपयोग बेहतर निर्णय व्यवस्था एवं डिलीवरी के लिये किया गया है।

 

बेहतर से बेहतर उत्तरदायित्व के लिये कार्यक्रम के क्रियान्वयन की समीक्षा और निगरानी जिला स्तर पर माननीय सांसदों की अध्यक्षता में गठित दिशा समिति और राज्य स्तर पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा करने तथा लेखा जाँजच (आडिट) एवं सामाजिक लेखा परीक्षा (सोशल आडिट) की व्यवस्था की गयी है।

 

मुझे आशा है कि प्रधानमन्त्री आवास योजना – ग्रामीण में अपनायी गयी प्रक्रियाएं एवं कार्य विधिय़ां मैदानी स्तर पर इस योजना को बेहतर क्रियान्यवन एवं तदनुसार बेहतर परिणाम प्राप्त करने में सहयोग करेंगी।

 

योजना का सारांश  

स्वतन्त्रता के तुरन्त बाद शरणार्थियों के पुनर्वास के साथ देश में सार्वजनिक आवास कार्यक्रम शुरु किया गया और तब से अब तक गरीबी उपशमन के साधन के रुप में यह सरकार का प्रमुख फोकस क्षेत्र रहा है। जनवरी 1996 में एक स्वतन्त्र कार्यक्रम के रुप में इंदिरा आवास योजना जिसको शार्ट कट में (आईएवाई ) नाम से ग्रामीण आवास कार्यक्रम शुरु किया गया। यद्यपि आईएवाई ग्रामीण क्षेत्रों में मकान सम्बन्धी जरुरतों को पूरा करती हैं फिर भी वर्ष 2014 में समवर्ती मूल्यांकन और भारत के नियन्त्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की निष्पादन लेखा- परीक्षा के दौरान कतिपय कमियों का पता चला था। ये कमियाँ अर्थात् मकान की कमी का निर्धारण न कर पाना, लाभार्थियों के चयन में पारिदर्शिता की कमी, मकान की गुणवत्ता की कमी और तकनीकी पर्यवेक्षण की कमी, तालमेल का अभाव, लाभार्थियों को ऋण न मिल पाना और निगरानी की कमजोर प्रणाली इस कार्यक्रम के प्रभाव और परिणामों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही थी।

 

ग्रामीण आवास कार्यक्रम में इन कमियों को दूर करने के लिये और 2022 तक सभी को मकान उपलब्ध कराने के सरकार की प्रतिबद्धता को ध्यान में रखते हुए इंदिरा आवास योजना को 1 अप्रैल 2016 से प्रधानमन्त्री आवास योजना -ग्रामीण  में पुनर्गठित कर दिया गया है।

 

प्रधानमन्त्री आवास योजना-ग्रामीण का उद्देश्य सभी बेघर परिवारों और कच्चे तथा टूटे-फूटे मकानों में रहने वाले परिवारों को 2022 तक बुनियादी सुविधाओं से युक्त पक्का मकान उपलब्ध कराना है। इसका  वर्तमान उद्देश्य 2016 से 2019 तक 3 वर्षों में कच्चे, टूटे- फूटे मकानों में रहने वाले एक करोड़ परिवारो को लाभ प्रदान करना है। साफ-सुथरे रसोई घर के साथ मकान के न्यूनतम आकार को बढ़ाकर 25 वर्गमीटर कर दिया गया है। इसकी सहायता राशि को मैदानी क्षेत्रों में 70000 रुपये से बढाकर 1लाख 20 हजार रुपये कर दिया गया है। पर्वतीय राज्यों दुर्गम क्षेत्रों और आईएपी जिलों में 75000 रुपये से बढ़ाकर 1 लाख 30 हजार रुपये कर दिया गया है। लाभार्थी मनरेगा से 90 या 95 दिन का अकुशल मजदूरी प्राप्त करने के हकदार हैं। इन मकानों में शौचालय निर्माण के लिये स्वच्छ भारत मिशन से शौचालय बनाने की व्यवस्था करायी जायेगी। पीने के लिये पानी पाइप के जरिये कराया जायेगा। बिजली कनेक्शन की समुचित व्यवस्था करायी जायेगी। रसोईघर में भोजन पकाने के लिये एलपीजी गैस की व्यवस्था करायी जायेगी। इसके अलावा लाभार्थियों को और अधिक लाभ दिलवाने हेतु विभिन्न प्रकार के सरकारी कार्यक्रमों के अन्तर्गत तालमेल के भी प्रयास किये जायेंगे।

 

वित्तीय सहायता कहाँ से प्राप्त होगी 

प्रधानमन्त्री आवास योजना-ग्रामीण में दी गयी सहायता राशि केन्द्र सरकार और राज्य सरकार दोनों को वहन करना होगा इसमें केन्द्र की तरफ से 60 प्रतिशत धनराशि और राज्य की तरफ से 40 प्रतिशत धनराशि लाभार्थी को दी जायेगी। इसके अलावा पूर्वोत्तर और हिमालय राज्यों के लिये केन्द्र सरकार 90 प्रतिशत धनराशि अदा करेगी और राज्य सरकार 10 प्रतिशत धनराशि अदा करेगी। इन समस्त प्रकार की धनराशि में 4 प्रतिशत धनराशि प्रशासनिक व्यय के लिये सुरक्षित रहेंगी।

 

लाभार्थियों का चयन किस स्तर पर होगा

प्रधानमन्त्री आवास योजना-ग्रामीण में लाभार्थियों का चयन सबसे महत्वपूर्ण विशेषता में से एक है। वास्तव में लाभ से वंचित लाभार्थियों को भी सहायता मिले और लाभार्थियों का चयन उद्देश्यपरक एवं जाँचे जाने योग्य हो, इस बात को सुनिश्चित करने के लिये प्रधानमन्त्री आवास योजना ग्रामीण में बीपीएल परिवारों में से लाभार्थी का चयन करने की बजाय सामाजिक आर्थिक जाति आधारित जनगणना 2011 में उल्लिखित मकानों की कमी संबंधी मानदंडों का उपयोग करते हुए लाभार्थियों चयन किया जाता है जिसकी ग्रामसभा जाँच की जाती है। जनगणना 2011 आँकड़ों में मकान से संबन्धित विशिष्ट अपवर्जन को दर्ज किया जाता है। इसी आँकड़ों का उपयोग करते हुए बेघऱ तथा शून्य, एक या दो कमरों की कच्ची छतों तथा कच्ची दीवारों के मकानों में रहने वाले परिवारों को अलग किया जाता है और उन्हें लक्षित किया जाता है। स्थायी प्रतीक्षा सूची में यह भी सुनिश्चित होता है कि राज्य के पास आगामी वर्षों में योजना के अन्तर्गत कवर किये जाने के परिवारों की तैयार सूची (वार्षिक चयन सूचियों के माध्यम से) हो ताकि क्रियान्वयन की बेहतर प्लानिंग की जा सके। लाभार्थी के चयन में शिकायतों को दूर करने के लिये एक अपीलीय प्रक्रिया भी बनाई गयी है।

 

मकान की गुणवत्ता कैसी होगी

निर्माण की बेहतर गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिये, राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रीय तकनीकी सहायता एजेन्सी स्थापित किये जाने की परिकल्पना की गयी है। अच्छे मकानों के निर्माण में एक बड़ी अड़चन थी- कुशल राजमिस्त्रयों की कमी। इस समस्या से निपटने के लिये राज्यों में अखिल भारत स्तर पर राजमिस्त्रियों का प्रशिक्षण एवं प्रमाणन कार्यक्रम शुरु किया गया है। अच्छा निर्माण सुनिश्चित होने के अलावा इससे ग्रामीण राजमिस्त्रयों के लिये अतिरिक्त आजीविका अर्जन और करियर उन्नति भी सुनिश्चित होगा। समय-समय पर अच्छी गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिये क्षेत्रीय स्तर पर सरकारी कर्मी और ग्रामीण राजमिस्त्री के साथ प्रधानमन्त्री आवास योजना-ग्रामीण राजमिस्त्री के साथ लाभार्थी को टैग करने की भी परिकल्पना की गयी है।

 

प्रिय पाठकों अभी आधी ही जानकारी है इसकी पूरी जानकारी हम आपको अपने अगले पाेस्ट में देंगे । आप अपनी राय हमें जरुर कमेन्ट कीजियेगा।

6 Comments

    • adminAuthor January 25, 2020 Reply
  1. Ashok kumar yadav January 8, 2020 Reply
    • adminAuthor January 25, 2020 Reply
  2. akhilesh kumar July 16, 2020 Reply

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