ग्राम प्रधान चुनाव कैसे जीते जानिये इस लेख में सम्पूर्ण विद्या। Up Gram panchayat chunav kaise jeete, full information

दोस्तों आज के समय में चुनाव लडना आम बात हो गया है। इस आधुनिक दौर में ग्राम पंचायत चुनाव लड़ना एक शौक सा हो गया है। ऐसे में आप सोचते होंगे कि एक ही व्यक्ति चुनाव जीतेगा बाकी सब के सब चुनाव हार जायेंगे लेकिन इतने लोग चुनाव मैदान में खड़े क्यों होते है, तो आइये सबसे पहले बात करतें है कि सभी लोग पंचायत चुनाव लड़ना क्यों चाहते हैं।

 

आपके सवालः- 

1- पंचायत चुनाव लोग इतनी ज्यादा संख्या में क्यों लड़ना चाहते हैं?

2- क्या पंचायत चुनाव जीतने वाले को भविष्य में कभी धन की कमी नही महसूस होगी?

3- क्या नौकरी से बढिया विकल्प पंचायत चुनाव जीतना है?

4- एक प्रधान पाँच साल में कुल कितना धन कमा सकता है?

5- क्या एक बार प्रधान बन जाने के बाद एक पीढ़ी तक रोजी रोटी कमाने की जरुरत नही पड़ेगी?

 

दोस्तों सबसे पहले में आपको बताना चाहूँगा कि आप कभी भी प्रधानी चुनाव लड़िये तो ऐसा कभी मत सोच कर चुनाव लड़िये कि आपकी आरक्षण सीट आयेगी तब जाकर आप लोगों के बीच में जायेंगे और चुनाव लड़ेंगे। चुनाव लड़ने से ठीक 5 साल पहले से ही अपने आप को प्रत्याशी घोषित करना चाहिए और जनता के बीच में अपनी एक अच्छी छवि बनाकर रहना चाहिए क्योंकि अचानक चुनाव फील्ड में आने से कुछ लोग आप पर विचार ही नही करते कि आपको वे चुने कि ना चुनें क्योंकि आपको वह पहले से ही परखने का अवसर नही पायें। क्योंकि आज के टाइम में हर व्यक्ति शराबी नही है कि आप उसे शराब पिलाकर या दावत देकर उसका मत प्राप्त करेंगे ऐसे लोग मात्र 20 प्रतिशत ही गाँव में होते है जो आपके मदिरा और दावत के वजह से आपकों वोट करेंगे।

दोस्तों आज के लेख का मुख्य उद्देश्य है कि प्रधानी चुनाव कैसे जीतें
1- प्री प्लानिंग करके
दोस्तों प्री प्लानिंग करके आप यदि चुनाव लड़ते हैं तो आपके जीतने का चांस अधिक होगा क्योंकि पहले से ही किसी योजना के अनुसार किया गया कार्य सटीक होता है और प्रभावी होता है क्योंकि अचानक लिया गया निर्णय कभी-कभी विपरीत प्रभाव डालने लगता है। इसलिये आप चुनाव प्रचार के लिये या किसी भी प्रकार के सामाजिक कार्य के लिये जो भी कदम उठायें उस पर कम से कम 10 ले 15 दिन रिसर्च करें और उसके निष्कर्ष के अनुसार ही आप निर्णय लें।

2- टिकाऊँ और सकारात्मक मुद्दा लेकर लोगों से बात करें
दोस्तों यदि आप ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ रहें है तो आप सबसे पहले टिकाऊँ मुद्दा बनायें और लोगों से उस मुद्दे पर बात करते रहें। टिकाऊँ मुद्दे का मतलब हो गया कि आप सबसे पहले यह देखें कि किन किन मतदाताओं के घर पर बिजली का कनेक्शन नही है तो ऐसे लोगों से बिजली के कनेक्शन लगवाने के लिये वादा करें। कुछ लोग को घर से कच्ची सड़क जाती होगी तो ऐसे लोगों से वादा कीजिये कि आपके घर से आगे अगली सड़क तक ईंट वाली सड़क बनवा देंगे। या किसी ब्यक्ति का घर ऐसे किनारे पर होगा या ऐसे लोकेशन पर होगा कि उसके घर से कोई सड़क नही जाती वह ब्यक्ति दूसरे की जमीन में से होकर आता जाता होगा तो उसको कभी भारी परेशानी उठाना पड़ता होगा कुछ लोगों के नल का पानी निकलने के लिये नाली नही होगा तो ऐसे मुहल्ले या इलाके के लोगों से पानी निकासी के लिये नाली बनवाने के लिये अपने आप को उनके सामने वचनवद्ध करें।हो सके तो इस काम को उन्ही मतदाताओं के सामने एक प्रोफेसनल कागज में लिख लें और उन सब मतदाताओं के हस्ताक्षर करवा लें। ऐसा करने से उन मतदाताओं में आपका विश्वास और अधिक बढ़ जायेगा और आपके जीतने का चांस बढेगा।

3- लोगों के पर्सनल मुद्दों का भी ध्यान रखिये।
आज कल के समय में यह देखा जा रहा है कि मतदाता अपना व्यक्तिगत लाभ देखते हैं और जिस प्रत्याशी में उनका व्यक्तिगत लाभ दिखता है उस प्रत्याशी को वह वोट देना ज्यादा पसन्द करते हैं। जैसे ब्यक्ति चाहता है कि उसके घर में किसी तरह से वृद्धा पेंसन आना शुरु हो जाये। व्यक्ति चाहता है कि उसके घर में किसी सरकारी योजना का लाभ आना शुरु हो जाये। प्रधानमन्त्री आवास मिल जाये।

तो इस तरह की मानसिकता वाले लोग भी मिलेंगे और आपको इन सभी के भावनाओं का सम्मान करने के साथ साथ इनको अपने पाले में करना होगा।

4- नरेगा के मजदूरों का स्पेशल ख्याल रखियेः-
आज के टाइम में नरेगा के मजदूर अपनी नरेगा वाली मजदूरी से काफी परेशान हैं कभी उनकों पूरा मजदूरी नही मिलती तो ऐसे लोगों को भी आपके सहयोग की जरुरत है और ऐसे लोग बड़ी मुश्किल से आपके पक्ष में वोट करते है।

आगे की जानकारी इस वेबसाइट के माध्यम से भी आपको समय-समय पर मिलती रहेगी अब तक इस लेख को पढने के लिये आपका धन्यवाद।

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