ग्राम प्रधान और वीडीओ अपने स्तर से कितने लोगों को आवास दिलवा सकता है?

ग्राम प्रधान और वीडीओ  प्रधानमन्त्री आवास कितने लोगों को अपने स्तर से दे सकते हैं।

 

पात्र होते हुए भी सिस्टम (Computer) द्वारा तैयार की गई प्राथमिकता सूची में शामिल न किए गए परिवारों

के विषय में ग्राम सभा कारणों सहित ग्राम सभा संकल्प में एक अलग सूची दर्ज कर सकती है।

ग्राम सभा द्वारा इस सूची में उन परिवारों को भी शामिल किया जा सकता है जिनकी

एसईसीसी 2011 सर्वे के दौरान गणना नहीं की गई थी या वे परिवार जिनकी एसईसीसी में

गणना किए जाने के बावजूद उन्हें सिस्टम द्वारा तैयार की गई प्राथमिकता सूची में शामिल

नहीं किया गया है किंतु वे पैरा 4.1 में उल्लिखित मानदंड के अनुसार पीएमएवाई-जी के

अंतर्गत सहायता पाने के लिए पात्र पाए गए थे।

 

ग्राम सभा के संकल्प के अनुसार तैयार की गई निम्नलिखित सूचियाँ खंड विकास अधिकारी

(बीडीओ) या इस प्रयोजनार्थ राज्य/सं.शा. क्षेत्र द्वारा पदनामित किसी अन्य अधिकारी को

आगे की कार्रवाई के लिए भेजी जायेगी,

 

क. ग्राम सभा द्वारा प्राथमिकता प्राप्त पात्र परिवारों की सूची

 

ख. प्राथमिकता सूची से हटाए गए परिवारों की सूची

 

ग, सहायता पाने का पात्र होने के बावजूद सिस्टम द्वारा तैयार की गई प्राथमिकता सूची में

शामिल न किए गए परिवारों की सूची।

शिकायत निवारण

 

 सत्यापन के बाद ये सूचियाँ ग्राम सभा द्वारा उपलब्ध कराए जाने के बाद ब्लॉक विकास

अधिकारी या इस प्रयोजनार्थ राज्य/सं.रा. क्षेत्र द्वारा पदनामित किसी अन्य अधिकारी, जिसे

इसके बाद सक्षम प्राधिकारी कहा गया है. यह सुनिश्चित करेगा कि इन सूचियों का कम से

कम 7 दिनों की अवधि में ग्राम पंचायत में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए इसके अतिरिक्त

यह सुनिश्चित करना भी उसी अधिकारी का दायित्व होगा कि विधिवत प्रक्रिया के पूर्ण होने के

पश्चात ग्राम सभा द्वारा सत्यापित सूची को आवाससॉफ्ट पर दर्ज किया जाए।

 

सात दिनों तक इन सूचियों का उपयुक्त प्रचार किए जाने के बाद विधिवत प्रक्रिया का

अनुपालन किए बिना प्राथमिकता सूची से गलती से हटाए जाने या वरीयता क्रम में बदलाव किए जाने से संबंधित शिकायत प्रस्तुत किए जाने के लिए और 15 दिन का समय दिया

जाएगा। इन शिकायतों को कोई ग्राम स्तरीय कार्मिक/राज्य/सं.शा, क्षेत्र द्वारा नियुक्त

कर्मचारी एकत्र करेगा और उसके बाद ये शिकायतें आगे कार्रवाई हेतु सक्षम प्राधिकारी को

भेजी जाएंगी तो पीडित पक्ष सीधे सक्षम प्राधिकारी को अपनी शिकायत प्रस्तुत कर सकते हैं।

सक्षम प्राधिकारी इन शिकायतों की जांच करके रिपोर्ट तैयार करेगा और इस रिपोर्ट को

अपील समिति के पास समयबद्ध ढंग से प्रस्तुत करेगा, जिसकी समयसीमा का निर्धारण

राज्य/सं.शा.क्षेत्र द्वारा किया जाएगा। इस अपील समिति का गठन राज्य / सं.श. क्षेत्र द्वारा

किया जाएगा।

 

राज्य/सं.शा.क्षेत्र सरकार जिला स्तर पर तीन सदस्यों की अपीलीय समिति गठित करेगी।

इस समिति की अध्यक्षता जिला मजिस्ट्रेट/कलेक्टर या उसके नामिती कर सकते हैं और

इस समिति में एक अन्य अधिकारी एवं कम से कम एक गैर-सरकारी सदस्य शामिल हो

सकते हैं। अपील समिति के गैर सरकारी सदस्य के कार्यकाल का निर्णय राज्य सरकार द्वारा

लिया जाएगा। अपील समिति प्राथमिकता सूची से हटाए जाने या वरीयताक्रम में बदलाव के

विरूद्ध रिपोर्ट में की गई शिकायतों पर विचार करेगी और निर्धारित समयसीमा में शिकायत

का निपटान करेगी। शिकायतों के समय पर निपटान सहित अपील समिति द्वारा सुनवाई की

विस्तृत प्रक्रिया विधि का फैसला संबंधित राज्य/सं.शा.क्षेत्र द्वारा किया जाएगा।

 

घ.  अपील समिति द्वारा ग्राम पंचायत के सभी मामलों को निपटाए जाने के पश्चात प्रत्येक परिवार

को एक विशिष्ट वरीयता देते हुए प्रत्येक श्रेणी की ग्राम पंचायत-वार अंतिम स्थायी प्रतीक्षा

सूची प्रकाशित की जाएगी। यह सूची ग्राम पंचायत के नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित की जाएगी

और इसका व्यापक प्रचार किया जाएगा। यह स्थायी प्रतीक्षा सूची पीएमएवाई-जी की

वेबसाइट पर भी उपलब्ध करायी जाएगी।

 

प्राथमिकता सूची का अद्यतनीकरण

 

पीएमएवाई(जी) के कार्यान्वयन के शुरूआती वर्ष में सूची में नाम जोड़ने/शामिल करने का

कोई प्रावधान उपलब्ध नहीं होगा। तथापि, सूची में शामिल किए जाने के लिए ग्राम सभा का

समर्थन प्राप्त करने वाले दावाकर्ताओं को छोड़कर अन्य दावाकर्ता अपने दावे ग्राम सभा का

संकल्प पारित होने की तारीख से 6 महीने की अवधि में सक्षम प्राधिकारी को प्रस्तुत कर सकते

है। सक्षम प्राधिकारी ग्राम सभा से समर्थित इन दावों और सीधे प्राप्त अभ्यावेदन की जांच

करेगा और रिपोर्ट तैयार करके अपील समिति को प्रस्तुत करेगा। अपील समिति दावे के गुण-दोष के आधार पर उन परिवारों को पीएमएवाई-जी के लाभार्थियों के दायरे में शामिल

करने की सिफारिश कर सकती है। समय पर शिकायतों के निपटान सहित सक्षम प्राधिकारी

द्वारा रिपोर्ट की प्रस्तुति तथा अपील समिति द्वारा मामलों को सुलझाए जाने की विस्तृत

प्रक्रियाविधि का निर्णय संबंधित राज्य/सं.शा.क्षेत्र द्वारा किया जाएगा।

 

अपील समिति की सिफारिश के अनुसार लाभार्थियों के दायरे में शामिल किए जाने के लिए

प्रस्तावित परिवारों की सूची ग्राम पंचायत या जो भी लागू हो और समुदाय-वार तैयार की

जाएगी। इस सूची में विगत पैरा में उल्लिखित प्राथमिकता निर्धारण की सभी शर्तों की पूर्ति की

जानी चाहिए। केंद्र सरकार में सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन पश्चात ही स्थायी प्रतीक्षा सूची में

इन परिवारों को शामिल करने के संबंध में निर्णय लिया जाएगा।

 

वार्षिक वेतन सूचियों की तैयारी

 

क.  मंत्रालय द्वारा लक्ष्य सूचित किए जाने के बाद राज्य/सं.शा. क्षेत्र संबंधित जिलों को

श्रेणी-वार लक्ष्यों का वितरण करेगी और यह जानकारी आवास सॉफ्ट पर दर्ज करेगी लक्ष्यों

के वितरण के समय एसएजीवाई, रर्बन क्लस्टर में शामिल की गई ग्राम पंचायतों या जो भी

लागू हो, खुले में शौच की प्रथा से मुक्त ग्राम पंचायतों और उन ग्राम पंचायतों को प्राथमिकता

दी जाएगी, जहां डीएवाई-एनआरएलएम के अंतर्गत महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम

से सशक्त सामाजिक पूंजी तैयार कर ली गई हो। वार्षिक चयन सूची के आरंभ में अनुमोदित

प्राथमिकता सूची में शामिल शीर्ष परिवार होंगे और यह सूची उस वर्ष ग्राम पंचायत या जो भी

लागू हो के लिए प्रत्येक श्रेणी के संबंध में सौंपे गए लक्ष्यों के अनुसार तैयार की जाएगी।

 

इस वार्षिक चयन सूची का व्यापक प्रचार प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया या गांव में दीवारों पर

लिखाई के माध्यम से किया जाएगा।

 

प्रिय पाठकों यदि आपको इस लेख से थोड़ी सी भी जानकारी महसूस हुई हो तो आप कमेन्ट बाक्स में जरुर लिखिये।
आगे की जानकारी अगले लेख में।

 

3 Comments

  1. Suresh Kumar bind January 17, 2020 Reply
    • adminAuthor January 25, 2020 Reply
  2. Hiralal Yadav March 11, 2020 Reply

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