ग्रामीणों ने प्रधानमन्त्री आवास के पैसे वापस दिलवाये , अपात्र को पात्र बनाया गया था

प्रधानमन्त्री आवास के 1 लाख 20 हजार रुपये वापस दिलवायें

प्रधानमन्त्री आवास योजना
प्रधानमन्त्री आवास योजना


दोस्तों आज मैं इस लेख के माध्यम से आप लोगों का एक ऐसी खबर के बारे में बताने जा रहा हूँ जो इस सरकार में सबसे अच्छा निर्णय है। बात कुछ इस कदर है कि उत्तर प्रदेश राज्य के गोरखपुर जनपद के उरुवा ब्लाक के ग्राम पंचायत नगवा प्रेम की सच्ची कहानी है। इस ग्राम सभा में ग्राम सचिव ने अजीब खेल खेलने की कोशिश किया और बाद में उसके हाथ कुछ न लगा। चलिये जानते हैं विस्तार से इस खबर के बारे में 

 

ग्राम सचिव की इतनी बड़ी हिम्मत 

 

दोस्तों यह खबर गोरखपुर जिले के ग्राम पंचायत नगवा प्रेम की है इसमें इस ग्राम सभा में ग्राम सचिव ने एक अपात्र महिला को पात्र बनाकर बनावटी दस्तावेज का सहारा लेकर प्रधानमंत्री आवास के लिये आवेदन करवा दिया और उसको प्रक्रिया के तहत पास करके 

 

आवेदन कर्ता का नाम- इन्द्रावती पत्नी जय प्रकाश

बैंक का नाम – पूर्वांचल देईडीहा

प्रथम किस्त मे प्राप्त धन- 40 हजार

द्वितीय किस्त मे प्राप्त धन – 70 हजार

तृतीय किस्त में प्राप्त धन – 10 हजार

कुल प्राप्त धन 1 लाख 20 हजार

 

सरकार को भेज दिया। कुछ दिनों बाद जब आवास वितरण होने लगा तब उस महिला को भी आवास मिला जो महिला आवास पाने की पात्र नही थी। तत्पश्चात यह हुआ कि ग्रामीणों ने इसका पुरजोर विरोध किया और प्रधान से इसका कारण पूछा तो आना-कानी करने के पश्चात ग्रामीण प्रधान के जबाव से संतुष्ट नही हुए। बाद में ग्रामीणों ने मन बनाया कि इसकी शिकायत ब्लाक स्तर से लेकर जिले स्तर तक होनी चाहिये। मामला गरमाता चला गया और उस महिला की मुश्किलें बढ़ती गयीं। वह इधर-उधर नेताओं व अन्य अधिकारियों से सम्पर्क साधने लगी। हर जगह से निराशा प्राप्त होने के बाद वह खामोश हो गयी। 

 

 इसके उपरा्न्तर ग्रामीण पूरे प्रयास के साथ जिला अधिकारी, सीडीओ, डीपीआरओ सबके पास इसकी शिकायत की और अन्ततः न्याय हुआ जिसमें आवास आवंटन में अमीर को गरीब बनाने की, अपात्र को पात्र बनाने की धांधली पकड़ में आयी और उस महिला के खाते से 1 लाख 20 हजार रुपये रिकवरी कराकर सरकारी नोडल खातें में सुपुर्द कर दिया गया।

 

एक और डगमगाती खबर
एक और डगमगाती खबर

एक और वायरल होती हुई खबर

प्रधानमन्त्री आवास पाये हुए लोगों को ऋण दिलायेगी सरकार

 

गोरखपुर के मानवेला में आवंटित प्रधानमन्त्री आवास, के लाभार्थियों को अब बहुत बड़ी खुशखबरी मिलने जा रही है। अब इन गरीबों को अपने सपनो को पूरा करने के लिए पंख मिलने वाले हैं। बात कुछ इस कदर है कि अब गोरखपुर विकास प्राधिकरण इस क्षेत्र के लाभार्थियों को ऋण उपलब्ध कराने की तैयारी में जुट गया है। इसके लिये उस परिसर में गोरखपुर विकास प्राधिकरण मेला लगवायेगा। इस प्रागण में सभी दिग्गज बैंको को लोन आवंटित करने के लिये मेला लगाने के लिये बुलाया जायेगा जिससे आवंटित आवास के आधार पर लोगों को आसानी से लोन मिल सके। 

 

जीडीए की निगरानी में राप्तीनगर में कुल 1488 आवास बनाये गये हैं और खास बात यह है की लाटरी के माध्यम से 1242 लोगों का आवास लाटरी के माध्यम से बनाये गये हैं और सबसे सुपर बात यह भी है कि एक आवास के बदले 4 लाख 50 हजार रुपये आवंटित किये गये हैं। इसमें से 2 लाख पचास हजार प्रधानमन्त्री आवास योजना के तहत उपलब्ध कराये गये हैं और बाकी का 2 लाख लाभार्थी को स्वयं उसमें निवेश करना है लेकिन मुश्किलों को दूर करने के लिये बैंकों का मेला लगाकर लोन दिलवाकर इससे निपटने का आसान तरीका ढूँढ लिया गया है। 

 

दोस्तों इस लेख में बस  इतना ही आगे जो भी खबर मिलती है वह आप तक इस वेबसाइट के माध्यम से पहुँचा दी जायेगी। अगर इस लेख को पढने में तनिक भी रुचि आयी हो तो आप मेरे कमेन्ट बाक्स में अपनी खुशी का इजहार कर सकते हैं। 

 

 

 

2 Comments

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *