उत्तर प्रदेश ग्राम पंचायत चुनाव 2020 कन्फर्म। जाने पूरी प्रक्रिया

उत्तर प्रदेश ग्राम पंचायत चुनाव के सन्दर्भ में-

उत्तर प्रदेश में अगले साल पंचायत चुनाव होने जा रहे हैं। इसको देखते हुए पंचायतो के आंशिक परिसीमन का शासनादेश जारी कर दिया गया है पचांयत  चुनावो की तैयारियो से जुड़ी डेट लिस्ट जारी कर दी गई है।

प्रदेश में सभी ग्राम पचांयतो के प्रधानों का कार्यकाल 25 दिसम्बर को समाप्त हो रहा है 26 दिसम्बर से सभी ग्राम पचांयत भंग हो जाएगी । इसके बाद नई ग्राम पचांयत के गठन की प्रक्रिया शुरु हो जाएगी। गावों में मतदाता सुची के पुनरीक्षण का काम तेजी से चल रहा है और दिसम्बर महीने के अंतिम सप्ताह में वोटर्स लिस्ट भी जारी कर दी जाएगी

25  दिसम्बर को ग्राम प्रधानो का कार्यकाल खत्म् होते ही नए कामों की शुरूवात पर रोक लग जाएगा। इसके पहले कोरोना संकट के बीच चुनाव से जुड़ी तैयारियों पर ब्रेक लग गया था.

उत्तर प्रदेश में पचांयतो की संख्या 58,758 है जबकि 821 क्षेत्र पंचायते  और 75 जिला पंचायते भी है

 साल 2021 मार्च –अप्रैल में चुनाव


उत्तर प्रदेश पचांयत  चुनाव की तारिखों का ऐलान नही हुआ है लेकिन ये अनुमान लगाया जा रहा है की वर्ष 2021 में मार्च –अप्रैल के बीच चुनाव हो सकते है  चूनाव आयोग ने भी तैयारीया तेज कर दी है .वही गांव में सम्भावित उम्मीदवारों के पोस्टर्स भी दिखने लगे है  और प्रत्याशी लोगो के बीच जाकर अपना प्रचार प्रसार भी शुरु कर दिए है
और सभी लोगो की नजरे उत्तर प्रदेश पचांयत चुनाव की तारीखों के ऐलान पर टिकी हुई है

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तीन दिन पहले उच्चाधिकारियों के साथ बैठक में कहा था कि तैयारिया इस तरह की जाए कि 31 मार्च तक पंचायत चूनाव सम्पन्न करा लिए जाएं ।  इस बैठक में कोविड-19 किसान आंदोलन और यूपी बोर्ड परीक्षा को ध्यान में रखते हुए पंचायत चुनाव कराने पर विचार हुआ

 

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Narendra Modi

आरक्षण सुची से सम्बन्धित-

देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में अब सियासी सरगर्मीया बढ़ती जा रही है और लोग इसका बेसब्री से इन्तजार भी कर रहे है तो ऐसे में गावों में लोगो को जो की खासकर के प्रत्याशी के रुप में अपनी किश्मत आजमा रहे है उन सभी लोगो को नयी आरक्षण सुची का इंतजार है क्यो कि इसी सुची से ये तय होता है कि कौन सी ग्राम सभा में किस जाति को  कौन सी सीट चुनाव लड़ने के लिए आरक्षित की गई है. और ऐसे में आरक्षण सुची के लिए ग्राम पंचायतो का परिसीमन 4 दिसम्बर से 6 जनवरी के बीच पूरा किए जाने की सम्भावना है और इसके साथ ही 12 दिसम्बर से आरक्षण की प्रक्रिया शुरु हो जाएगी.

उत्तर प्रदेश के पंचायती राज विभाग के अपर मुख्य सचिव  श्री मनोज कुमार सिंह जी के तरफ से जारी शासनादेश के अनुसार ग्राम पंचायतवार जनसंख्या का निर्धारण 2011  की जनगणना के आधार पर 4 दिसम्बर  से 11 दिसम्बर के बीच किया जाना है. और इसी के जरिए गांव के परिसीमन की रुप रेखा तय की जाएगी.

जानिए आरक्षित सीट का फार्मुला- 


अनुमान यह लगाया जा रहा है कि इस बार उत्तर प्रदेश के चुनाव में 33 फिसदी सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की जाएगी. और यह सभी सीटो में शामिल होंगी और इसके पिछले चुनाव (वर्ष 2015) सीटो का आरक्षण बिल्कुल नए सिरे से हुआ था.
और इस बार वर्षो से चला आ रहा खेल भी खत्म हो जाएगा .पहले कई बार ऐसा होता था की राजनीतिक दबाव बनाकर आरक्षण सुची में फेर बदल करा दिया जाता था . लेकिन इस बार से शासन आरक्षण की व्यवस्था को आनलाइन करने जा रहा है और प्रदेश में डाटा फिडींग का काम लगभग पूरा हो चुका है.

 

आगामी उत्तर प्रदेश के ग्राम पचांयत चुनावों में क्या हो सकते है बदलाव


2015 में पचांयत चुनाव की प्रक्रिया में 59,162 ग्राम पंचायतो के लिए 11,77,000 मतदाताओं ने मतदान  किया था । मगर इस बार करीब 250 से 500 के बीच ग्राम पंचायतों को शहरी क्षेत्र में शामिल करने की वजह से ग्राम पचांयतो की सख्यां कम रहेगी । पचांयत चुनाव विधानसभा की वोटर लिस्ट के बजाय आयोग की अपनी वोटर लिस्ट से करवाए जाएंगे । साथ ही जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष के चुनाव प्रत्यक्ष होगें . इस बार सभी चुनाव एक साथ करवाने की तैयारी है.

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